कौन्दकेरा में आध्यात्मिक उमंग के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

ब्रह्माकुमारीज़ कौन्दकेरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप में सजे बच्चे
ब्रह्माकुमारीज़ कौन्दकेरा के वरदानी भवन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप में सजे बच्चे।

राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप में सजे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

माताओं की रासलीला और भक्ति गीतों से भक्तिमय हुआ कार्यक्रम

कौन्दकेरा (गरियाबंद)। SPIRITUAL MIRROR NEWS 

ब्रह्माकुमारीज़ कौन्दकेरा के वरदानी भवन में 6 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व आध्यात्मिक वातावरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजे बच्चों ने एकल एवं सामूहिक नृत्य तथा गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। माताओं ने राधा-कृष्ण के साथ रासलीला नृत्य किया, जबकि संस्थान से जुड़े भाइयों ने श्रीकृष्ण से संबंधित भक्ति गीत प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्माकुमारी तारणी दीदी एवं संस्थान से जुड़े भाई-बहनों द्वारा राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप में सजे बच्चों के पूजन से हुआ। इसके बाद बच्चों ने मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के नृत्य एवं गीतों ने कार्यक्रम में उत्साह और सांस्कृतिक रंग भर दिया।

इसके बाद माताओं ने राधा-कृष्ण के साथ रासलीला नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं संस्थान से जुड़े भाइयों ने श्रीकृष्ण से संबंधित भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे कार्यक्रम स्थल का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

तारणी दीदी ने बताया जन्माष्टमी का आध्यात्मिक महत्व

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी तारणी दीदी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक महत्व को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने राधा-कृष्ण के स्वरूप को सुंदर, पवित्र और श्रेष्ठ जीवन के प्रतीक के रूप में बताते हुए कहा कि मनुष्य को भी अपने जीवन में अच्छे विचार, संस्कार और श्रेष्ठ गुणों को अपनाने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों को देखकर हर किसी के मन में सुंदर और सुखद भविष्य की कल्पना जागती है। ऐसे अवसर हमें अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा अच्छे संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति की सूरत के साथ उसकी सीरत यानी आचरण और व्यवहार भी उसके व्यक्तित्व की पहचान बनती है। अच्छे विचार और श्रेष्ठ आचरण के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।

कौन्दकेरा के वरदानी भवन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल माताएं एवं भाई-बहन।


कार्यक्रम के पश्चात शिवबाबा एवं श्रीकृष्ण के स्वरूप को भोग अर्पित किया गया। इसके बाद उपस्थित भाई-बहनों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 100 भाई-बहनों की उपस्थिति रही।

इस अवसर पर बीके प्रेमलता बहन, बीके रामेश्वर भाई, बीके उमाकांत भाई, बीके कान्हा भाई सहित ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान से जुड़े अन्य भाई-बहन उपस्थित रहे।

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Report & Visuals: Krishna Chandra Sahu
Editor: SPIRITUAL MIRROR NEWS
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Chief Editor: Krishna Chandra Sahu 'Spiritual Mirror News'

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